Friendship or one-sided love, dosti ya pyar shayari

Friendship or One-sided Love || Poetry and Poems

Friendship or one-sided love, dosti ya pyar shayari

Friendship or One-sided love, should now be treated as synonyms in most of the situations. This poem would highlight the same picture for you.

मित्र बन तेरे आंसुओ से इकरार करता रहा,

तुम मेरी दोस्त बन गयी, मैं तुमसे प्यार करता रहा |

नजरबंद मेरे एहसासों को हवा नसीब ना की,

तुम प्यार थी मेरा, मैं दोस्ती का पर्दा करता रहा ||

क्या कमी है लफ्ज़-ऐ-प्यार में जो सब दोस्त तलाश करते है,

मै वो भी हूँ जिसका तुम्हे अब तक नही दीदार हुआ |

हाथों में लेके ये दिल अपना आज मारा फिरता हूँ,

जिसने भी समझा इस दिल को मेरे उसका ही इस पर वार हुआ ||

यादों के सहारे आने वाले, उन अश्को से नफरत है मुझे, जो तेरा साथ छोड़ गए,

बेनामी इस साथ का विश्वास दिलाता हूँ, अब ये मत कहना,

वो कल दूर हुए थे और तुम आज छोड़ गए ||

  • Now its clear, what’s between us, friendship or one-sided love.

Friendship or one-sided love, dosti ya pyar shayari

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